ऊधमसिंह नगर में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब के साथ दो गिरफ्तार, चुनाव में खपाने की थी तैयारी

 


रुद्रपुर (संवाद-सूत्र)। एफएल टू बगवाड़ा से सितारगंज के उकरौली स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान से जा रही 200 पेटी शराब पार्टी विशेष के लिए लालपुर सरकड़ा में उतार दी गई। इस मामले में एसओजी ने वाहन चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर 209 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की। जबकि दुकान स्वामी समेत तीन लोग फरार हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शराब सितारगंज में चुनाव में बंटवाने के लिए स्टॉक की गई थी।

       एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि एसओजी को सूचना मिली कि बगवाड़ा एफएल टू से पिकप वाहन में 200 पेटी अंग्रेजी शराब सितारगंज के उकरौली में अंग्रेजी शराब की दुकान के लिए लोड किए गए थे। लेकिन शराब का वाहन उकरौली तक नहीं पहुंचा। इस पर सीओ पंतनगर अमित कुमार, कोतवाल सितारगंज प्रकाश दानू, एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की टीम जांच में जुट गई थी। इस दौरान एसओजी टीम ने पिकप वाहन चालक को किच्छा क्षेत्र से वापस आते समय पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम पश्चिमी खेड़ा, गोलपार, हल्द्वानी निवासी ललित बिष्ट पुत्र प्रताप सिंह बिष्ट बताया।

        बताया कि सितारगंज के शराब भट्टी के सेल्समैन सुंदर सिंह बिष्ट व दुकान स्वामी वीरेंद्र सिंह बिष्ट के पिता मोहन सिंह बिष्ट के कहने पर उसने शराब को सितारगंज निवासी प्रभजोत सिंह के साथ मिलकर राजनैतिक पार्टी विशेष के चुनाव के लिए लालपुर सरकड़ा निवासी गुरविंदर सिंह के घर पर उतारी थी। एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि चालक ललित बिष्ट की निशानदेही पर पुलिस और एसओजी ने गुरविंदर सिंह के घर में छापेमारी की। जहां एक कमरे में अंग्रेजी शराब की 8पीएम की 113 पेटी क्वार्टर और  यूके नंबर वन की 96 क्वार्टर अंग्रेजी शराब बरामद की।

      पुलिस ने अंग्रेजी शराब की दुकान के सेल्समैन गैलाकोट, कपकोट, लमगड़ा, अल्मोड़ा निवासी सुंदर सिंह बिष्ट पुत्र गोविंद सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि फरार प्रभजोत सिंह, गुरविंदर सिंह, दुकान स्वामी मोहन सिंह बिष्ट की तलाश की जा रही है। बरामद शराब की कीमत करीब 15 लाख रुपय है। बाद में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

         एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि अंग्रेजी शराब सितारगंज उकरौली स्थित शराब की दुकान में जा रही थी। लेकिन मिलीभगत कर उसे चुनाव में वितरित करने के लिए कहीं और उतारा गया। इस पर दुकान स्वामी वीरेंद्र बिष्ट के लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।