उत्तराखंड में एक अप्रैल से प्रारंभ होगी गेहूं की खरीद, किसानों को हफ्तेभर में मिलेगा भुगतान



देहरादून (संवाद-सूत्र)।  प्रदेश में एक अप्रैल से प्रारंभ हो रही गेहूं की खरीद के दौरान भुगतान को लेकर किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। गेहूं के मूल्य का भुगतान हर हाल में एक सप्ताह के भीतर करना होगा। भुगतान आनलाइन माध्यम से सीधे किसानों के खातों में होगा। सरकार ने इस संबंध में क्रय एजेंसियों को निर्देश दिए हैं।

एक अप्रैल से 31 मई तक होगी गेहूं की खरीद

मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत में प्रदेश में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से 31 मई तक होगी। आवश्यकता पड़ने पर इस तिथि को सरकार की अनुमति लेकर जून माह तक बढ़ाया जा सकता है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल

       प्रदेश सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। गेहूं खरीद नीति जारी की जा चुकी है। किसानों को गेहूं की बिक्री और फिर मूल्य भुगतान में कठिनाइयां न हों, इसे लेकर सावधानी बरतने को कहा गया है। राज्य सरकार की खरीद एजेंसियों को किसानों से खरीदे गए गेहूं की डिलीवरी स्टेट पूल या केंद्रीय पूल में शीघ्रता से की जाएगी।

गेहूं खरीद को प्रत्येक जिले में खरीद अधिकारी

     खाद्य विभाग के खरीद केंद्रों और नामित क्रय संस्थाओं की ओर से खरीदे गए गेहूं के भुगतान के लिए वांछित धनराशि की व्यवस्था विभागीय वित्त नियंत्रक करेंगे। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ एवं अन्य खरीद संस्थाएं जो भी गेहूं खरीद करेंगी, उसके लिए धन की व्यवस्था उन्हें अपने वित्तीय स्रोतों से करनी होगी।

      प्रदेश में गेहूं खरीद को प्रभावी और सुचारू ढंग से कराने के लिए शासन ने प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी अपने अधीन एक जिला खरीद अधिकारी नामित करेंगे। यह अधिकारी अपर जिलाधिकारी के समकक्ष स्तर का होगा। वह विभिन्न खरीद एजेंसियों के बीच तालमेल स्थापित करेंगे।