सुबह आठ से रात आठ बजे तक प्रचार कर सकेंगे प्रत्याशी, 50 हजार सुरक्षाबल संभालेंगे सुरक्षा

 


देहरादून (संवाद-सूत्र)। प्रदेश में कोरोना संक्रमण में गिरावट आने पर शासन ने भी राजनीतिक दलों को राहत दी है। सोमवार को मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। इसके तहत राजनीतिक दल और प्रत्याशी सुबह आठ से रात आठ बजे तक प्रचार कर सकेंगे। वहीं, हॉल के भीतर सभा करने पर 50 फीसदी व्यक्तियों और खुले में सभा करने पर मैदान की क्षमता के 30 फीसदी व्यक्तियों के जमा होने की इजाजत दी गई है।


खुले मैदान में अब प्रत्याशियों के लिए एक हजार लोगों की बाध्यता नहीं

       एसओपी में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों में प्रतिबंधित गतिविधियों के संचालन की अनुमति नहीं होगी। खुले मैदान में अब प्रत्याशियों के लिए एक हजार लोगों की बाध्यता नहीं है। मैदान की क्षमता का 30 फीसदी या उस जिले के डीएम की ओर से निर्धारित संख्या में नेता जनसभाएं कर सकते हैं। इसी प्रकार, इनडोर हॉल में भी अब 500 लोगों का नियम नहीं है। इसके बजाय हॉल की क्षमता के 50 फीसदी लोगों के साथ सभा की जा सकेगी। 

    इसके अलावा राजनीतिक दलों और स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभाओं और बैठकों में लोगों के आनेजाने के लिए अलग-अलग गेट रखने होंगे। मास्क और कोरोना से बचाव के तय मानकों के मुताबिक शारीरिक दूरी का भी पालन सुनिश्चित करना होगा। थर्मल स्क्रीनिंग और साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है।

लगभग 50 हजार सुरक्षाबल संभालेंगे चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था 

    प्रदेश में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा करीब 50 हजार सुरक्षाबलों के ऊपर होगा। इनमें 16,000 पुलिस कर्मी राज्य पुलिस के रहेंगे, जबकि, केंद्र से 110 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की रहेंगी।  पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों का आंकलन किया जा चुका है। संवेदनशील 1034 बूथ हैं, जबकि, अतिसंवेदनशील बूथों की संख्या 808 है।

      इन बूथों पर पीएसी और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात रहेंगे। सामान्य बूथों पर राज्य पुलिस और होमगार्ड की ड्यूटी रहेगी। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में वन रक्षकों की ड्यूटी भी रहेगी। पुलिस के अनुसार सभी जिलों से पुलिस प्रभारियों की रिपोर्ट मुख्यालय को मिल चुकी है। सुरक्षा बलों की तैनाती की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। चुनाव आयोग के निर्देश पर जल्द ही बची हुई तैयारियां भी कर ली जाएंगी। 


यह रहेगी सुरक्षाबलों की संख्या 

राज्य पुलिस बल      -      16000

होमगार्ड             -           17,800 

(राज्य से 4600, बाहरी राज्यों से 13200) 

पीआरडी- 4178

वन रक्षक- 1789

पीएसी- 26 कंपनी 

केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल- 110 कंपनी