चीन और यूरोप में कोरोना का कहर, क्या नए स्ट्रेन से बढ़ेगी भारत की चिंता?- जानें एक्सपर्ट की राय
नई दिल्ली (संवाद-सूत्र)। एशिया और यूरोप के कई देशों में कोरोना वायरस तबाही मचा रहा है। पिछले हफ्ते कोरोना वायरस के नए मामलों की संख्या में भारी उछाल देखने को मिला है। चीन, दक्षिण कोरिया और जर्मनी में सर्वाधिक मरीज मिल रहे हैं। कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के पीछे ओमीक्रोन के सब-वेरिएंट को वजह माना जा रहा है। नया सब-वेरिएंट स्टील्थ ओमीक्रोन सामने आया है। इसे बीए-2 के नाम से भी जाना जाता है। ओमीक्रोन के सब वैरिएंट बीए-2 की वजह से यूरोप में कोरोना के मामलों में भारी बृद्धि हुई है। भारत में फिलहाल कोरोना के मामलों में भारी गिरवाट देखी जा रही है, लेकिन विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि देश में कोरोना की चैथी लहर आ सकती है। एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों में कोरोना के मामलों में वृद्धि को देखते हुए केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह राज्यों को कोरोना की चैथी लहर को रोकने के लिए एहतियाती उपाय करने के लिए सचेत किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या देश में कोरोना की चैथी लहर आने के संकेत मिल चुके है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ।
चैथी लहर आने का पूर्वानुमान को किया खारिज
1- डा. पीएन अरोड़ा का कहना है कि भारत में चैथी लहर आने का पूर्वानुमान है। उन्होंने कहा कि भारत में अधिकतर लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। डा. अरोड़ा ने कहा कि एक बार वे प्राकृतिक रूप से संक्रमित हो चुके हैं। इसलिए अगर लहर आती भी है तो अस्पताल में भर्ती होने और मौतों के संदर्भ में नतीजे प्रबंध करने योग्य होंगे, बशर्ते वायरस का कोई नया वैरिएंट न आ जाए।
2- डा. अरोड़ा ने कहा कि भारत में कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या तेजी से घट रही है। मौजूदा स्थिति को देखकर हम निश्चित तौर पर भविष्य में नई लहर आने के बारे में नहीं कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम भविष्य के बारे में कोई पूर्वानुमान नहीं लगा सकते हैं, क्योंकि संभावित रूप से आने वाला नया वेरिएंट अज्ञात है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें सतर्क रह सकते हैं और आंकड़ों को तेजी से एकत्र कर सकते हैं ताकि प्रभावी और तेजी से कार्रवाई की जा सके।
क्या है कानपूर आईआईटी की रिपोर्ट
पिछले दिनों इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (प्प्ज्) कानपुर के एक ताजा अध्ययन में कहा गया था कि संभव है कि कोरोना महामारी की चैथी लहर 22 जून से शुरू होकर अगस्त के मध्य तक रह सकती है। आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं का कहना है कि संभव है कि वायरस के नए वैरिएंट का व्यापक असर होगा। उन्होंने कहा कि चिंता की बात यह है कि इसके भी लक्षण हैरान करने वाले हैं। कोरोना के किसी भी वैरिएंट के मामले में आपको पेट से जुड़े लक्षण महसूस हो सकते हैं। लेकिन ओमिक्रोन बीए-2 में आपको आंत से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ओमिक्रोन बीए-2 से पीड़ित मरीजों को मतली, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, पेट में जलन और सूजन जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
केंद्र सरकार ने राज्यों को दिया सुझाव
चीन समेत एशिया के कई देशों में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहले के मुकाबले पांच गुना अधिक रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखने का सुझाव दिया है। इसमें उपचार, टेस्टिंग और वैक्सीनेशन और कोरोना उपयुक्त व्यवहार का पालन शामिल है। केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि प्रोटोकाल के अनुसार प्रहरी साइटों के माध्यम से पर्याप्त संख्या में सैंपल इंसाकोग नेटवर्क को प्रस्तुत किए जाएं।


