सोलर से पूरी बिजली नहीं ले सकते, खरीदना मजबूरी, यूपीसीएल के एमडी के बयान से लगा झटका
देहरादून (संवाद-सूत्र)। प्रदेश में सौर ऊर्जा की संभावनाओं के बीच राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना सहित तमाम योजनाएं शुरू कीं लेकिन अब उनकी बिजली यूपीसीएल अच्छे दामों पर खरीदने को तैयार नहीं है। नियामक आयोग में हुई जनसुनवाई में यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार के आयोग के सामने दिए गए बयान से यही बात स्पष्ट हो रही है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने कहा कि वह पूरी बिजली सोलर प्लांट से नहीं ले सकते हैं। यूपीसीएल ने 100 मेगावाट वनीला सोलर प्लांट से समझौता किया है, जिससे 2.44 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी जा रही है। इसी प्रकार, 100 मेगावाट के आईटीसी पावर प्लांट (30 प्रतिशत सोलर, 70 प्रतिशत विंड एनर्जी) से समझौता किया है, जिससे 2.90 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से सौदा तय है।
सोलर की बिजली से ग्रिड नहीं चला सकते
यूपीसीएल एमडी ने कहा कि सोलर की बिजली सस्ती जरूर होती है लेकिन हम उसे पूरी नहीं खरीद सकते। क्योंकि यह बिजली दिन में छह से सात घंटे ही मिल सकती है। जिस दौरान यह बिजली उपलब्ध होती है, उस दौरान बिजली की फ्रिक्वेंसी रेज होने की वजह से ग्रिड से भी 2.50 से तीन रुपये के रेट पर ही बिजली मिलती है। उन्होंने कहा कि सोलर की बिजली से ग्रिड नहीं चला सकते हैं।
शाम को सोलर प्लांट से बिजली नहीं बनती और नतीजतन उन्हें बाहर से बिजली खरीदनी ही पड़ती है। पूरी बिजली नहीं ली जा सकती है। यूपीसीएल के एमडी के बयान से सौर ऊर्जा के प्लांट लगा रहे लोगों को झटका जरूर लगा है। उनका महंगे या अच्छे दामों में यूपीसीएल की ग्रिड तक बिजली भेजने का सपना भी कहीं न कहीं अधूरा ख्वाब ही नजर आ रहा है।
सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब सोलर पावर प्लांट से स्वरोजगार इतना मजबूत होने की उम्मीदें कम हैं तो भला सरकार ही इस योजना को जोर-शोर से क्यों चला रही है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब राज्य सरकार ने सोलर पावर प्लांट की योजना बनाई तो उस वक्त यह तकनीकी पहलू क्यों नजरअंदाज किया गया। अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि सोलर प्लांट लगाने वाले लोगों का भविष्य क्या होगा।
40 प्रतिशत से 13 तक लाए लाइन लॉस को
यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने नियामक आयोग के समक्ष बताया कि पहले लाइन लॉस 40 प्रतिशत तक होता था, जिसे कम करके 13.9 तक ले आए हैं। उन्होंने कहा कि करीब आठ से नौ प्रतिशत तक तकनीकी लाइन लॉस होता है, जिसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में कम करना संभव नहीं है। उन्होंने बिजली चोरी रोकने को नई स्कीम के बारे में बताया, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा।

