मृतक आश्रित के साथ गूलरभोज सहकारी समिति का सौतेला व्यवहार


गूलरभोज। गूलरभोज सहकारी समिति का ऐसा मामला सामने आया जिसकी विभाग द्वारा कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। किसानों व व्यापारियों ने आरोप लगाते हुये कहा कि गूलरभोज सोसायटी ने मृतक आश्रित हरेंद्र तोमर पुत्र स्व0 राजपाल सिंह के साथ पक्षपात पूर्ण व्यवहार किया है जहां एक और मृतक आश्रित हरेंद्र तोमर माननीय उच्च न्यायालय एवं जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां उधम सिंह नगर के नियुक्ति आदेश के बाद भी 14 वर्षों से दर बदर की ठोकरें खा रहा है, वहीं दूसरी ओर गूलरभोज सहकारी समिति दूसरे मृतक आश्रित की माता के मृत्यु के मात्र एक माह के अंदर ही उसे नियुक्ति दे दी गई। 

    इस संबंध में गूलरभोज के किसानों एवं व्यापारी भाइयों की उपस्थिति में गूलरभोज सहकारी समिति के सचिव प्रमोद सैनी को मृतक आश्रित हरेंद्र तोमर द्वारा नियुक्ति संबंधी एक ज्ञापन दिया गया, सभी किसानों एवं व्यापारी भाइयों ने मृतक आश्रित हरेंद्र तोमर को जल्द से जल्द नियुक्ति देने के लिए सहकारी समिति के सचिव प्रमोद सैनी से संचालक मंडल की बैठक बुलाकर मृतक आश्रित हरेंद्र तोमर को नियुक्ति देने का अनुरोध किया।

   जब कृष्णा वार्ता के सम्पादक द्वारा सहकारी समिति के सचिव प्रमोद सैनी से फोन द्वारा वार्तालाप किया गया तो उन्होने बताया कि उच्च न्यायालय में केस के दौरान डबल बेच का फैसला आने के बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है व दूसरी ओर कहा कि सोसयटी की सुरक्षा के लिये बोर्ड संचालक समिति द्वारा मृतक बबीता के पुत्र को टेम्परेली बेस पर रखा गया है। 

       इस अवसर पर इंदर सिंह राठौर, किशोर सामंत, लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा, ओमप्रकाश डोगरा, विजेंद्र यादव, सुखविंदर सिंह, आनंद सिंह पानू, सुरेश धपोला, लक्ष्मण गिरी, संजीव कुमार गुप्ता, चैधरी विरेंद्र सिंह, चैधरी मोहनवीर सिंह, यशवंत सिंह चैधरी, सुरेंद्र सिंह, चिमनलाल, बलदेव चुघ, हरेंद्र तोमर आदि लोग उपस्थित रहे।