रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट होगी जिला अस्पताल की ओपीडी
रुद्रपुर (संवाद-सूत्र)। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अच्छी खबर है। जिला मुख्यालय में पिछले करीब 17 वर्षों से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में इसी महीने से ओपीडी शुरू होने जा रही है। चिकित्सा शिक्षा विभाग और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू करने के लिए तैयारी लगभग पूरी कर ली है। जिला अस्पताल की आधी से अधिक ओपीडी अब मेडिकल कॉलेज में ही होगी। पहले चरण में मेडिकल कॉलेज में तीन विभाग बाल, सर्जरी और मेडिसिन विभाग खुलने जा रहे हैं। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में दूसरे मेडिकल कॉलेजों के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर भी प्रैक्टिस करेंगे।
रुद्रपुर में वर्ष 2005 से शुरू हुआ राजकीय मेेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य कभी बजट के अभाव में तो कभी सत्ता परिवर्तन के चलते बाधित होता रहा है। कोरोना महामारी के बाद कई वर्षों से रुके मेडिकल कॉलेज के निर्माण में तेजी आई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने 325 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी थी। इसके साथ ही मेडिकल के विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए एकेडमिक भवन, छात्रावास, प्राचार्य आवास आदि निर्माण भी शुरू हो चुके हैं।
एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) के मानकों के अनुसार किसी भी मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से पहले अस्पताल का चलायमान होना जरूरी है। इसके चलते अब मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू होने जा रही है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केसी पंत ने बताया कि एमसीआई के मानकों के अनुसार मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने के लिए वहां पर दो साल से अस्पताल चलता होना अनिवार्य है। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन, सर्जरी और बाल रोग विभाग खुलने जा रहे हैं। इसी के चलते जिला अस्पताल में होने वाली अधिकांश ओपीडी अब मेडिकल कॉलेज में ही चलेगी। मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के बाद मरीजों के भर्ती की सुविधा होने पर आईपीडी भी शुरू की जाएगी।
डॉक्टरों की कमी बन सकती है चुनौती
रुद्रपुर। प्रदेश में डॉक्टरों की कमी के कारण रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को डॉक्टर मिलने में समस्या हो सकती है। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से रेजिडेंट डॉक्टरों को रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में भेजने की तैयारी चल रही है लेकिन वहां पहले से ही डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में राज्य के दूसरे मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों को भी बुलाया जा सकता है। इसके अलावा रुद्रपुर जिला अस्पताल के कुछ डॉक्टर भी ओपीडी में बैठेंगे। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को एमसीआई की मान्यता मिलने के बाद यहां एमबीबीएस की 100 सीटों के साथ ही पैरामेडिकल व अन्य कोर्स भी शुरू होंगे।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1000 ओपीडी
रुद्रपुर। जिला अस्पताल पर जिलेभर के साथ ही यूपी के सीमांत क्षेत्रों रामपुर, बिलासपुर, बहेड़ी और पीलीभीत के जरूरतमंद लोग भी निर्भर हैं। यहां प्रतिदिन करीब 1000 लोगों की स्वास्थ्य जांच होती है। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ के चलते कई बार अव्यवस्था फैल जाती है। अब आधी से अधिक ओपीडी मेडिकल कॉलेज के दूसरे भवनों में संचालित होने से भीड़ की समस्या कम होगी।
जिला अस्पताल की ओपीडी को इसी माह से रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जा रहा है। जिला अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सा शिक्षा विभाग इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज शुरू होने की प्रक्रिया भी धीरे-धीरे आगे बढ़ेगी - डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी, सीएमओ।


