फिर बदला मौसम, वर्षा होने से किसानों की बढी मुश्किल
गूलरभोज (संवाद-सूत्र)। एक बार फिर मौसम ने अपनी करवत बदल ली। आज बुधवार सुबह से ही हो रही बरसात से ठंड में पहले से ज्यादा ठंड दिखयी दी। बरसात के कारण लोगों को आवगमन व जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। लोग के अपने कामों पर काउफी असर पड़ गया। वहीं इससे तमाम सरकारी गैरसरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
वही दूसरी ओर, बरसात से मटर, सरसों और आलू की फसल पहले ही चैपट हो चुकी है। अब मौसम की मार झेल रहे किसानों को गेहूं की फसल को बचाना मुश्किल हो गया।
विगत वर्ष अक्टूबर में हुई आपद बनकर आई बरसात से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था। रबी की फसल से उम्मीद लगाए किसानों को मौसम भी दगा दे रहा है। जनवरी में हुई बरसात से सरसों, मटर व सब्जियों को काफी नुकसान हो चुका है। फरवरी महीने में भी बार-बार हो रही बरसात ने किसानों को और टेंशन में डाल दिया है। हालात यह है कि गेहूं की फसलों में भी जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। मालूम हो कि गेहूं की फसल को पानी की कम आवश्यकता पड़ती है। बार-बार हो रही बरसात ने किसानों को मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन को फसलों के नुकसान का आकलन करने के बाद मुआवजा देकर किसानों को राहत देनी चाहिए।

