बौर जलाशय में होने वाली 33वीं कयाकिंग केनोइंग की राष्ट्रीय चैंपियनशिप को लेकर हुई बैठक, डरा रही बारिश
गूलरभोज (संवाद-सूत्र)। अगस्त अंतिम सप्ताह में होनी वाली 33वीं कयाकिंग केनोइंग की राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेगा स्प्रिंट से पहले बारिश के बजाय संशय के बादल मंडराने लगे हैं। जलाशय की तलहटी तक पहुंचे पानी को देख प्रतियोगिता के आयोजक कयाकिंग केनोइंग संघ, जिला पर्यटन विभाग और ओलिंपिक संघ की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। चैंपियनशिप बौर या अन्य जलाशय में होगी या फिर स्थगित, यह कंपटीशन आब्जर्वेशन कमेटी की चार दिन बाद आने वाली रिपोर्ट में साफ हो जाएगा।
22 से 25 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय कयाकिंग केनोइंग चैंपियनशिप को लेकर 20 जुलाई से कैंप भी चल रहा है। रविवार को बौर जलाशय में पानी के हालात और प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर राज्य ओलिंपिक संघ के सचिव डीके सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम, कयाकिंग केनोइंग संघ के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर राज जैन पहुंचे। इस बीच आयोजन की तैयारियों को परखने के लिए नेशनल कयाकिंग केनोइंग आब्जर्वेशन कमेटी के कंपटीशन डायरेक्टर रामाकृष्णन की अगुआई में पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल भी पहुंचा। टीम ने आयोजन समिति के साथ पानी की गहराई, लेवल, दूरी और प्लानिंग को लेकर व्यापक मंथन किया। कयाकिंग संघ के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर राज जैन ने टीम को आश्वस्त किया कि प्रतियोगिता में 21 दिन शेष है। मानसून सीजन को देखते हुए जलाशय में पानी की कोई भी दिक्कत नहीं होगी। चैंपियनशिप अपने निर्धारित तिथि पर होगी। टीम में कयाकिंग के इंटरनेशनल टेक्निकल आफिसर फिलिप मैथ्यू, सीनियर टीम कोच दिलीप बेनीवाल, मुकेश विश्वकर्मा, बादल हरिहरनो आदि थे।
राज्य ओलिंपिक संघ के सचिव डीके सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में 25 राज्यों के छह सौ खिलाड़ी दमखम दिखाएंगे। सीनियर वर्ग की पुरुष और महिला प्रतियोगिता अपनेआप में बड़ी और अनूठी होगी। इसमें नेशनल टीम का चयन भी किया जाएगा।
सीएम धामी सहित कई मंत्री होगे शामिल
जिला पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन और राज्य ओलिंपिक संघ संयुक्त रूप से आयोजन की मेजबानी कर रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। ओलिंपिक संघ के सचिव डीके सिंह का दावा है कि आयोजन में सीएम धामी सहित पर्यटन और खेल मंत्री भी शामिल होंगे।


